समाचार-विचार
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- अगले दशक में विश्व युद्ध की आहट
- अफगानिस्तान में तैनात और ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों की आत्महत्या
- अब भूल जाइये रेलवे की नौकरियों को!
- अभिव्यक्ति की आजादी का झूठा भ्रम खड़ा करने की कोशिश
- अमरीकी घुसपैठ के आगे नतमस्तक राष्ट्रवादी सरकार
- अमीरों की अय्यासी का अड्डा बनते हिमालयी इलाकों में तबाही
- अम्बानी–अडानी का पर्दाफाश करने वाले पत्रकारों पर जानलेवा हमला
- अयोध्या में सेना की जमीन की बन्दरबाँट
- असम में पोक्सो लगाकर जबरन गिरफ्तारी
आ ऊपर
- आईआईटी हैदराबाद के छात्र मार्क एंड्रयू चार्ल्स की आत्महत्या
- आजादी के अमृत महोत्सव की चकाचैंध में बीजेपी की असफलताओं को छुपाने की कोशिश
- आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष की असलियत
- आधार का कोई आधार नहीं
- आयुष्मान भारत योजना : जनता या बीमा कम्पनियों का इलाज?
- आरओ जल–फिल्टर कम्पनियों का बढ़ता बाजार
- आरटीआई पर सरकार का बड़ा हमला
- आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किसके हित में
ई ऊपर
उ ऊपर
- उत्तर प्रदेश : लव जेहाद की आड़ में धर्मान्तरण के खिलाफ अध्यादेश
- उत्तर प्रदेश में गैरकानूनी पोस्टर लगाकर प्रदर्शनकारियों से हरजाना वसूला गया
- उत्तर प्रदेश में मीडिया की घेराबन्दी
- उत्तराखण्ड : थानो जंगल कटान, विकास के नाम पर विनाश
- उत्तराखण्ड मेडिकल कॉलेज की फीस वृद्धि के खिलाफ छात्र आन्दोलन
- उनके प्रभु और स्वामी
ऊ ऊपर
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ऐ ऊपर
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औ ऊपर
क ऊपर
- कम्पनी राज : देश की शासन व्यवस्था प्राइवेट कम्पनियों के ठेके पर
- कश्मीर : यहाँ लाशों की तस्वीर लेना मना है
- काँवड़ के बहाने ढाबों–ढेलों पर नाम लिखाने का साम्प्रदायिक फरमान
- किसान आन्दोलन : लीक से हटकर एक विमर्श
- किसान आन्दोलन के खिलाफ फेसबुक का सरकारपरस्त रवैया
- किसान आन्दोलन को तोड़ने का कुचक्र
- कुपोषण से बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन
- कृषि कानून खेत मजदूरों के हितों के भी खिलाफ हैं
- कोयला खदान मजदूरों की जद्दोजहद
- कोयला खदानों के लिए भारत के सबसे पुराने जंगलों की बलि!
- कोरोना और कुम्भ मेला
- कोरोना जाँच और इलाज में निजी लैब–अस्पताल फिसड्डी
- कोरोना ने सबको रुलाया
- कोरोना महामारी बनाम अन्य बीमारियाँ
- कोरोना वैक्सीन : महामारी के समय मुनाफे का जैकपॉट
- क्या उत्तर प्रदेश में मुसलमान होना ही गुनाह है?
- क्या यौन हिंसा को पुलिस हिंसा से खत्म किया जा सकता है?
- क्यूबा तुम्हारे आगे घुटने नहीं टेकेगा, बाइडेन
क्ष ऊपर
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घ ऊपर
छ ऊपर
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- जन जन तक जुआ, घर घर तक जुआ
- जनविरोधी यूनियन बजट 2022
- जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था, बे–मौत मरती जनता, लाभ किसका
- जल संकट पर नीति आयोग की चैकाने वाली रिपोर्ट
- जलवायु परिवर्तन और विस्थापन की व्यथा
- जहरीली शराब से मरते लोग और सरकार के कुबोल
- जाल–ए–दुनिया1 की बदहाली-- इस तालिब–ए–दुनिया2 का दस्तूर बदलना होगा
- जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस की गुपचुप खरीद का खुला रहस्य
- जी–20 शिखर सम्मलेन : जनता की बर्बादी पर राजनेताओं की अय्याशी
- जेफ बेजोस का भारत दौरा और पीयूष गोयल का विवादास्पद बयान
- जड़ी–बूटियों की लूट का धंधा
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- द सोशल डिलेमा : सोशल मीडिया के स्याह पहलू से रूबरू कराती फिल्म
- दिल्ली उच्च न्यायलय ने केन्द्र सरकार को केवल पाखण्डी ही नहीं कहा
- दिल्ली की अनाज मण्डी अग्निकाण्ड से उपजे सवाल
- दिल्ली दंगे का सबक
- दिल्ली दंगे की जमीनी हकीकत
- दिल्ली सफाई कर्मचारियों की हड़ताल
- देश के बच्चे कुपोषण की गिरफ्त में
- देश में तानाशाही की आहट
- देश में बाढ़ की विभीषिका और सरकारी तंत्र की असफलता
- देश में ये कैसी खुदकशी की खेती
- देश में राजद्रोह के बढ़ते मुकदमे
- देशभक्ति क्या है?
न ऊपर
प ऊपर
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नदियाँ मौत परोस रही हैं।
- पाकिस्तान में चुनाव और दो प्रतिक्रियावादी गिरोहों का टकराव
- पिछले 45 सालों में बेरोजगारी की सबसे ऊँची दर
- पीपीपी मॉडल के चलते कर्ज में डूबी एनएचएआई
- पेंशन बहाली का तेज होता आन्दोलन
- पेगासस स्पायवेयर: जासूसी हमेशा दुश्मनों की करायी जाती है!
- प्रधानमंत्री के लिए हर मौत के मायने अलग हैं।
ब ऊपर
- बच्चों का बचपन और बड़ों की जवानी छीन रहा है मोबाइल
- बलात्कार के आरोपी को बचाने की कवायद
- बहुमंजिली इमारत से गिरकर मरते मजदूर
- बांग्लादेश की घटना का भारत में साम्प्रदायिक इस्तेमाल
- बिना आँकड़ों के क्या हिसाब लगाये और क्या हिसाब दें?
- बीमारी से मौत या सामाजिक स्वीकार्यता के साथ व्यवस्था द्वारा की गयी हत्या?
- बुद्धिजीवियों से नफरत क्यों करते हैं दक्षिणपंथी?
- बुराड़ी में 11 लोगों की सामूहिक आत्महत्या
- बुलेट ट्रेन परियोजना का विरोध
- बेघरों के देश में तब्दील होता ब्रिटेन
- बेरोजगार भारतीय मजदूर इजराइल जाने के लिए विवश
- बैंक कर्मियों की आत्महत्या : जिम्मेदार कौन?
- बैंकों की बिगड़ती हालत
- बोल्सोनारो की नयी मुसीबत
- बढ़ते विदेशी मरीज, घटते डॉक्टर
भ ऊपर
- भाजपा राज में गायब होते जंगल
- भाजपा विपक्ष को तबाह करने पर क्यों तुली है?
- भाजपा शासित राज्यों की पुलिस का दमनकारी रवैया
- भाजपा शासित राज्यों में बुल्डोजर का बढ़ता आतंक
- भाजपा सरकार में मुसलमानों और ईसाइयों पर बढ़ते हमले
- भारत देश बना कुष्ठ रोग की राजधानी
- भारत ने पीओके पर किया हमला : एक और फर्जी खबर
- भारत पर बढ़ता विदेशी कर्ज
- भारत में अमीरी–गरीबी की बढ़ती खाई
- भारत में निरंकुश शासन : वी–डैम की रिपोर्ट
- भारत में बेघर लोगों की स्थिति
- भारत में विदेशी विश्वविद्यालय
- भारत में विस्थापन की भयावह होती समस्या
- भारतीय खुदरा बाजार को गिरफ्त में लेती ई–मार्केटिंग कम्पनियाँ
- भीड़ का हमला या संगठित हिंसा?
- भुखमारी और कुपोषण से जूझती विशाल आबादी
- भूख सूचकांक में भारत अव्वल
म ऊपर
- मच्छु नदी की गहराई में अभी भी दबे है सैकड़ों सवाल ?
- मजदूरों–कर्मचारियों के हितों पर हमले के खिलाफ नये संघर्षों के लिए कमर कस लें!
- मणिपुर हिंसा : सवालों के कटघरे में केन्द्र और राज्य सरकारें
- मनरेगा डेटाबेस से सरकार ने 5 करोड़ मजदूरों के नाम हटाये
- मन्दी की आहट के बीच बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के कर्मचारियों की छँटनी
- महाराष्ट्र के कपास किसानों की दुर्दशा उन्हीं की जबानी
- महाराष्ट्र में कर्मचारी भर्ती का ठेका निजी कम्पनियों के हवाले
- महाराष्ट्र में चार सालों में 12 हजार से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की
- महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हैवानियत
- महिलाओं के गायब होने की पहेली
- मानव अंगों की तस्करी का घिनौना व्यापार
- मानवाधिकार उल्लंघन
- मुजफ्फरनगर दंगे में अखबारों ने निभायी खलनायक की भूमिका
- मुस्लिम होने का डर
- मेडिकल कोलेज में दाखिले से लेकर स्वास्थ्य सेवाएँ तक पूँजीवादी असमानता का शिकार
- मौत के घाट उतारती जोमैटो की 10 मिनट ‘इंस्टेण्ट डिलीवरी’ योजना
य ऊपर
र ऊपर
- रत्नागिरी रिफाइनरी परियोजना का जोरदार विरोध
- राजस्थान में परमाणु पावर प्लाण्ट का भारी विरोध
- राजा महेन्द्रप्रताप के नाम पर अपने हित साधती बीजेपी
- राज्य बनाने के लिए लद्दाख की जनता का आन्दोलन
- रामनवमी के समय बंगाल में साम्प्रदायिक हिंसा
- राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग–– विधेयक 2019
- रिट्ज में विनिवेश : बहुमूल्य संस्थान की कौड़ियों के भाव नीलामी
- रिलायंस द्वारा ओएनजीसी के गैस भंडार से 30 हजार करोड़ की डकैती
- रेलवे का निजीकरण : आपदा को अवसर में बदलने की कला
व ऊपर
- वाल स्ट्रीट जर्नल ने फेसबुक और सरकार के बीच गठजोड़ का खुलासा किया
- विझिन्जम बन्दरगाह : अडानी हित सर्वाेपरि
- वित्तीय कम्पनियों का मकड़जाल
- विधायिका में महिला आरक्षण की असलियत
- विपक्षी मुख्यमंत्रियों का दिल्ली में धरना प्रदर्शन
- विश्व असमानता रिपोर्ट के मायने
- विश्वविद्यालयों में 13 प्वाइंट रोस्टरर्
- वैश्विक लिंग असमानता रिपोर्ट
श-ष ऊपर
स ऊपर
- संकट में लोकतंत्र : तानाशाही की ओर उत्तराखण्ड
- संस्कार भारती, सेवा भारती––– प्रसार भारती
- सत्ता–सुख भोगने की कला
- सरकार को सच पसन्द नहीं
- सरकार डिजिटल तानाशाही लागू करने की फिराक में
- सरकार द्वारा लक्ष्यद्वीप की जनता की संस्कृति पर हमला और दमन
- सरकार बहादुर कोरोना आपके लिए अवसर लाया है!
- सरकार यूजीसी को क्यों खत्म करना चाहती है?
- सरकार, न्यायपालिका, सेना की आलोचना करना राजद्रोह नहीं
- सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस से जुड़ने का प्रतिबन्ध हटा
- सरकारी विभागों में ठेका कर्मियों का उत्पीड़न
- सर्वउपयोगी प्रवासी मजदूर
- सहकारी बैंक घोटालों का जारी सिलसिला
- साल–दर–साल पत्रकारों की बढ़ती हत्याएँ
- सिक्किम की विनाशकारी बाढ़ भविष्य के लिए चेतावनी है
- सेमीकण्डक्टर चिप कम्पनियों की इजारेदारी और लूट का आलम
- सौर ऊर्जा से भी पर्यावरण को नुकसान
- स्विस बैंक में 50 फीसदी कालाधन बढ़ा