अनियतकालीन बुलेटिन

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अंक 48, जुलाई 2025

संपादकीय

चन्द हाथों में दौलत, करोड़ों के हिस्से में भुखमरी

भारत में बढ़ती गैर–बराबरी पर ऑक्सफेम की ताजा रिपोर्ट चैकाने वाली है जिसके अनुसार भारत की कुल सम्पत्ति के 40 फीसदी से ज्यादा हिस्से पर 1 फीसदी चोटी के अमीरों का कब्जा है। पिछले 10 सालों में इनकी सम्पत्ति 121 फीसदी बढ़ी है। देश की सम्पत्ति पर कब्जा करने में यहाँ के अमीरों ने अमरीका...

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ब्लॉग

होर्मुज की लहरें कुछ कहती हैं 

होर्मुज, हाँ वही होर्मुज  फारस की खाड़ी का  मात्र  सत्तर किलोमीटर चैड़ा समुद्री गलियारा  जहाँ से दुनिया की …

पश्चिम एशिया संकट की वैश्विक चुनौतियाँ

ईद से ठीक एक दिन पहले ईरान द्वारा जारी किये गये दुनिया के नाम एक कड़े सन्देश में स्पष्ट तौर से कहा गया है कि यह लड़ाई सिर्फ क्षेत्रीय…

हम कॉकरोच हैं

हम कॉकरोच हैं  नौजवान हैं, मचलती हुई सोच हैं निज़ाम के पैरों में आ गई मोच हैं  हम कॉकरोच हैं   बेरोज़गार हैं …

तेल: ईरान युद्ध और मध्य पूर्व के सभी युद्धों के पीछे का असली कारण

ईरान में युद्ध शुरू हुए एक महीना बीत चुका है, और अब पत्रकारों और राजनेताओं, डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन, वामपंथियों, दक्षिणपंथियों…

अरावली पर्वतमाला पर हमला

पर्यावरण अरावली पर्वतमाला की कोई भी संकीर्ण परिभाषा इस बेहद महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को तबाह कर सकती है, जिसके भूजल, कृषि…

देश विदेश के इस अंक में

सामाजिक-सांस्कृतिक

अम्बेडकर ने कहा था कि हिन्दू राज भारत के लिए सबसे बड़ी आपदा होगी

दलित आन्दोलन के अग्रणी विद्वान तेलतुम्बड़े बताते है कि कैसे हिन्दुत्ववादी पार्टियाँ राजनीतिक लाभ के लिए बाबासाहेब का इस्तेमाल करती हैं। –– अमेय तिरोडकर विद्वान आनन्द तेलतुम्बडे कहते हैं कि अम्बेडकर का मानना था कि जब तक हिन्दू धर्मशास्त्रों को नष्ट नहीं किया जाएगा,… आगे पढ़ें

राजनीति

कर्नाटक सरकार देवनहल्ली के किसानों के साथ विश्वासघात कर रही है

–– ललिता क्या कर्नाटक सरकार किसानों को धोखा देने, देवनहल्ली की उपजाऊ कृषि भूमि को कॉर्पाेरेट और रियल एस्टेट माफिया के हवाले करने पर आमादा है? क्या वह खुद का पतन देखना चाहती है? देवनहल्ली तालुक के चन्नारायपटना होबली में 13 गाँवों के 800 परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन पर… आगे पढ़ें

साहित्य

निकोलाई ओस्त्रोव्स्की का उपन्यास ‘अग्निदीक्षा’

–– लाल बहादुर वर्मा (जन इतिहासकार लाल बहादुर वर्मा का जीवन ऐसा था कि उन्हें एक संकल्पित इतिहासकर्मी कहना ही सही होगा। अपनी तरह के अकेले! लेकिन पूरी दुनिया बना कर रखते थे, मानवीय दुनिया। 20 साल से भी ज्यादा हो गया, उन्होंने इन्हें लिखा होगा, बच्चों के लिए ये हस्तलिखित… आगे पढ़ें

मीडिया

जेन जेड वर्गीकरण: लूट की व्यवस्था को बढ़ावा देने का हथकण्डा

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आजकल जेनरेशन जेड, जेनरेशन अल्फा, जेनरेशन बीटा जैसे नाम खबरों में हैं। दफ्तरों में या युवाओं के बीच जनरेशन के इन शब्दों का चलन अधिक मिलता है। उम्र के हिसाब से पीढ़ियों के इस विभाजन को पीढ़ीगत वर्गीकरण कहा जाता है। इस वर्गीकरण में बताया जाता है कि हर पीढ़ी की अपनी खास विशेषता है… आगे पढ़ें

अन्तरराष्ट्रीय

नरसंहार पर पर्दा डालने वाले आर्थिक सिद्धान्त के लिए नोबेल

अल्फ्रेड नोबेल की याद में आर्थिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार स्वीडिश सेंट्रल बैंक द्वारा दिया जाता है। अर्थशास्त्र में यह तथाकथित नोबेल दूसरे नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत के 68 साल बाद, पहली बार 1969 में प्रदान किया गया था। अल्फ्रेड नोबेल की इच्छानुसार नोबेल फाउण्डेशन द्वारा पाँच… आगे पढ़ें