अंक 50, मई 2026
संपादकीय
मजदूर आन्दोलन का नया उभार और सत्ता का बर्बर दमन चक्र
फरवरी 2026 से देश के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर आन्दोलन की एक नयी लहर का आगाज हुआ । बरौनी, पानीपत, सूरत, गुरुग्राम, मानेसर, नोएडा, भिवाड़ी, भटिण्डा, हरिद्वार, पन्तनगर, देहरादून और दर्जनों अन्य औद्योगिक इलाकों में हजारों मजदूरों ने जबरदस्त स्वत:स्फूर्त प्रदर्शन किया जो आज भी जारी हैं । उनकी बेहद बुनियादी माँगें हैं–– वेतन वृद्धि,...
ब्लॉग
डैनियल कोहन-बेंडिट: मई-68 आन्दोलन का लोकप्रिय छात्र नेता
1968 का साल पूरी दुनिया में उथल-पुथल का साल था। जगह-जगह छात्र, नौजवान, मजदूर और आम लोग पुराने ढाँचे, राजनीति और दमनकारी सरकारों…
होर्मुज की लहरें कुछ कहती हैं
होर्मुज, हाँ वही होर्मुज फारस की खाड़ी का मात्र सत्तर किलोमीटर चैड़ा समुद्री गलियारा जहाँ से दुनिया की …
पश्चिम एशिया संकट की वैश्विक चुनौतियाँ
ईद से ठीक एक दिन पहले ईरान द्वारा जारी किये गये दुनिया के नाम एक कड़े सन्देश में स्पष्ट तौर से कहा गया है कि यह लड़ाई सिर्फ क्षेत्रीय…
हम कॉकरोच हैं
हम कॉकरोच हैं नौजवान हैं, मचलती हुई सोच हैं निज़ाम के पैरों में आ गई मोच हैं हम कॉकरोच हैं बेरोज़गार हैं …
तेल: ईरान युद्ध और मध्य पूर्व के सभी युद्धों के पीछे का असली कारण
ईरान में युद्ध शुरू हुए एक महीना बीत चुका है, और अब पत्रकारों और राजनेताओं, डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन, वामपंथियों, दक्षिणपंथियों…
देश विदेश के इस अंक में
सामाजिक-सांस्कृतिक
एपस्टीन की फाइलों से साफ जाहिर होता है कि कुलीन वर्ग कैसे काम करता है
सामाजिक-सांस्कृतिक–मार्गरेट किम्बली 2019 में, जेफरी एपस्टीन की मृत्यु हो गयी थी, जो कई सालों तक सुर्खियों में बना रहा और आज भी डोनाल्ड ट्रम्प के साथ अपने लम्बे सम्बन्धों के कारण चर्चाओं में बना हुआ है। यह डोनाल्ड ट्रम्प का दूसरा कार्यकाल है। इस करोड़पति फाइनेंसर का पूरी दुनिया के शक्तिशाली… आगे पढ़ें
‘एपस्टीन फाइल’ मामला: पतन की पराकाष्ठा
सामाजिक-सांस्कृतिक | सतेन्द्र सिद्धार्थ“एपस्टीन फाइल” मामला केवल एक आपराधिक काण्ड नहीं हैय उसने पूरी दुनिया में सत्ता, पूँजी, यौन शोषण, मीडिया, अभिजात वर्ग और न्याय व्यवस्था को लेकर गहरे सामाजिक और सांस्कृतिक सवाल खड़े कर दिये हैं। इस मामले ने यह दिखाया कि किस तरह धन, राजनीतिक पहुँच और कॉरपोरेट शक्ति के… आगे पढ़ें
जीवन और कर्म
इब्ने इंशा: ख़ामोश रहना फ़ितरत में नहीं
जीवन और कर्म | विजय गुप्त(एक हमीं हुशियार थे यारो एक हमीं बदनाम हुए) इब्ने इंशा सिर्फ़ जनता का हाल–अहवाल बयान करने वाले, बाज़ वक़्त उसे भी आईना दिखाने वाले रचनाकार हैं। वह अपने पढ़ने–सुनने वालों को ताक़ीद करते हैं कि अपनी पक्षधरता तय करो। अनिश्चय और ऊहापोह में रहने वाले ग़ाफ़िल लोगों को बेईमान… आगे पढ़ें
राजनीतिक अर्थशास्त्र
अमरीका के आगे घुटने टेकने की कीमत कौन चुका रहा है?
राजनीतिक अर्थशास्त्र | अमित इकबालभाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और मौजूदा सरकार का प्रमुख वैचारिक चेहरा राम माधव ने भारत पर अमरीकी दबाव को खुलेआम स्वीकार किया। मौका था, 24 अप्रैल 2026 अमरीका के हडसन इंस्टिट्यूट में आयोजित बहस का। उन्होंने कहा कि अमरीकी दबाव के चलते “भारत ने ईरान से तेल खरीदना बन्द कर… आगे पढ़ें
वरना हम तुम्हें मार डालेंगे
राजनीतिक अर्थशास्त्र | माइकल डी येट्सकेविन बैरी आयरिश स्वतन्त्रता आन्दोलन के एक नायक थे। वे आयरलैण्ड पर ब्रिटिश कब्जे के खिलाफ स्वतन्त्रता संग्राम (1919–21) के दौरान आयरिश रिपब्लिकन आर्मी (आईआरए) के सदस्य थे। 1920 में, उन्होंने एक ब्रिटिश आपूर्ति ट्रक पर किये गये हमले में हिस्सा लिया था। एक ब्रिटिश सैनिक… आगे पढ़ें
साहित्य
श्रम और साहित्य पर दो दिवसीय संगोष्ठी सम्पन्न
साहित्यदिल्ली में 27–28 दिसम्बर 2025 को आयोजित ‘साहित्य में मजदूर’ विषयक संगोष्ठी ने यह प्रश्न केन्द्र में रखा कि आधुनिक हिन्दी साहित्य और व्यापक सामाजिक विमर्श में मजदूर जीवन, उसके संघर्ष और उसकी राजनीति को किस प्रकार फिर से स्थापित किया जाये। यह दो दिवसीय आयोजन… आगे पढ़ें
कहानी
कॉलेज में नो पॉलिटिक्स प्लीज!
कहानी | मोहित वर्मामैं बिहार से नोएडा इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने आया हूँ। आज कॉलेज में मेरा पहला दिन है। कॉलेज की दीवारों पर प्लेसमेंट के होर्डिग ऐसे लगे थे मानो पढ़ाई पूरी होने के बाद सीधे सीईओ बनाकर भेजेंगे। यहाँ इंजीनियरिंग कॉलेज ऐसे खड़े हैं जैसे कतार में हाथ जोड़े अतिथि–सत्कार में बेताब… आगे पढ़ें
साक्षात्कार
नेपाल के मौजूदा हालात पर कॉमरेड आहुति से बातचीत
साक्षात्कार(नेपाल के प्रख्यात कवि और वामपंथी चिन्तक विश्वभक्त दुलाल (आहुति) का यह साक्षात्कार 13 अप्रैल 2026 को नेपालन्यूज–डॉट–कॉम में प्रकाशित हुआ था। आहुति ने 2008 की संविधान सभा में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केन्द्र) का प्रतिनिधित्व किया था। नेपाली समाज की जाति… आगे पढ़ें
अन्तरराष्ट्रीय
अमरीका–ईरान युद्ध में पेट्रो–डॉलर की भूमिका
अन्तरराष्ट्रीय | मोहित पुण्डीर3 जनवरी, 2026 को अमरीका ने अन्तरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर को ताक पर रखकर वेनेजुएला के निर्वाचित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया था। इस घटना के कुछ दिन बाद ही 28 फरवरी 2026 को अमरीका ने एक दूसरी बड़ी साम्राज्यवादी कार्रवाई को अंजाम दिया।… आगे पढ़ें
ईरान ने खाड़ी देशों में अमरीकी हितों पर कैसे चोट पहुँचाई
अन्तरराष्ट्रीय | अजहरइस साल अमरीका ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर बेहद क्रूर और अमानवीय हमला किया। डोनाल्ड ट्रम्प के स्वेच्छाचारी और उन्मादी रवैये को इस हमले का कारण माना जाये या कुछ और। इसे जानने के लिए हमें इस सवाल का जवाब ढूँढना पडे़गा कि खाड़ी देशों से अमरीका को कितना आर्थिक–राजनीतिक फायदा… आगे पढ़ें
ईरान पर अमरीका का साम्राज्यवादी हमला
अन्तरराष्ट्रीय | प्रवीण कुमार28 फरवरी को साम्राज्यवादी अमरीका और उसके लठैत इजराइल ने ईरान पर हमला बोल दिया। पहले ही हमले में ईरान के सर्वाेच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनई समेत कई अगुआ नेताओं की हत्या कर दी गयी। इसके साथ ही अब तक ईरान के सैकड़ों स्कूली बच्चों समेत हजारों आम नागरिकों की हत्या की जा चुकी है,… आगे पढ़ें
लम्पट–उन्मादी ट्रम्प द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति का अपहरण
अन्तरराष्ट्रीय | विक्रम प्रतापचार महीने पहले, इस साल की शुरुआत में अमरीकी साम्राज्यवाद ने वेनेजुएला पर सीधे सैन्य हमला किया और वहाँ की सम्प्रभु सरकार के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बलपूर्वक गिरफ्तार करके न्यूयॉर्क ले गया। अमेरिका का यह कुकृत्य विश्व स्तर पर साम्राज्यवादी हस्तक्षेप, दादागिरी… आगे पढ़ें
समाचार-विचार
इन्दौर का पानी बना मौत
समाचार-विचार | अरुण कुमारजनवरी महीने में देश के सबसे साफ शहर कहे जाने वाले इन्दौर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आयी। कान्ह नदी के किनारे बसे घनी आबादी वाले भागीरथपुरा इलाके में सरकारी नल से आने वाला दूषित पानी पीने से 25 लोगों की मौत हो गयी और लगभग 3000 लोग उल्टी, दस्त (डायरिया) और डिहाइड्रेशन… आगे पढ़ें
गैस की किल्लत और बढ़ती महँगाई
समाचार-विचार | कुशल चौधरीमध्यपूर्व में अमरीका–इजरायल का ईरान के खिलाफ युद्ध ने दुनिया भर में एक भयावह ऊर्जा संकट का रूप ले लिया है। इसने भारत में भी तेल और गैस का संकट पैदा कर दिया है। प्रधानमन्त्री मोदी ने इजरायल को “पितृभूमि” घोषित कर साम्राज्यवाद को पूरा समर्थन दे रखा है। जब ईरान… आगे पढ़ें
जीवन रक्षक दवाइयाँ ही बन रहीं जानलेवा
समाचार-विचारदेश को आजाद हुए 77 वर्ष हो चुके हैं। हमें यह भरोसा दिलाया गया था कि स्वास्थ्य सेवाएँ आम आदमी की पहुँच में होंगी, “एक रुपये की पर्ची” पर इलाज जैसी प्रतीकात्मक कल्पनाएँ इसी भरोसे का हिस्सा थीं। लेकिन आज हकीकत यह है कि सर्दी–बुखार में भी साधारण परिवारों की जेब… आगे पढ़ें
दिल्ली के उत्तम नगर में दंगे की कोशिश नाकाम
समाचार-विचारबीते मार्च में दिल्ली के उत्तम नगर में दो परिवारों के बीच हुई झड़प को साम्प्रदायिक रंग देकर दंगा कराने की नाकामयाब कोशिश की गयी। दरअसल, दो परिवारों की पुरानी रंजिश के चलते होली पर विवाद बढ़ गया जिसमें एक युवक घायल हुआ जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। इस घटना में मरने वाला युवक… आगे पढ़ें
दिल्ली में ‘नरेन्द्र गैंग’ सक्रिय
समाचार-विचार | राजेश कुमारयूँ तो देश भर में जालसाजों, बलात्कारियों, जमाखोरों और हत्यारों के छोटे–बड़े न जाने कितने गैंग सक्रिय होंगे और उनके होने से मुझ जैसे मध्यमवर्गीय स्कूल टीचर पर तब तक कोई खास फर्क नहीं पड़ता, जब तक ऐसा कोई गैंग हमारे दरवाजे पर न पहुँच जाये। इसलिए अगर आप सोच रहे हैं कि मैंने… आगे पढ़ें
निजी संस्थानों में शिक्षकों का बेलगाम शोषण–उत्पीड़न
समाचार-विचार | सुनील कुमार मौर्यआज देश के निजी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय तेजी से मुनाफा–केन्द्रित संस्थानों में बदलते जा रहे हैं। बाहरी चमक–दमक और आधुनिक सुविधाओं के पीछे एक ऐसी वास्तविकता छिपी है, जिसका सबसे अधिक असर इन संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों पर पड़ता है। शिक्षकों से निर्धारित कार्य… आगे पढ़ें
शिक्षकों की स्वतंत्रता का भ्रम
समाचार-विचार | प्रशान्त कुमारभारतीय समाज में शिक्षक का स्थान केवल पेशेवर की भूमिका तक सीमित नहीं रहा है। शिक्षक को समाज में बौद्धिक, नैतिक, संस्कृतिक परम्परा का वाहक माना जाता है। प्राचीन गुरुकुल से लेकर आधुनिक स्कूल तक समाज निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को हम सभी स्वीकार करते हंै। लेकिन आज… आगे पढ़ें
सट्टेबाजी और ऑनलाइन धोखाधड़ी को बढ़ावा देने में शासन–प्रशासन की भूमिका
समाचार-विचार | विक्रम प्रतापबे–खुदी बे–सबब नहीं ‘गालिब’ कुछ तो है जिस की पर्दा–दारी है। आज भारत में सट्टेबाजी, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड, फर्जी इन्वेस्टमेंट ऐप्स, टेलीग्राम–व्हाट्सऐप “टिप्स ग्रुप” और डिजिटल ठगी का जो विस्फोट दिखायी देता है, उसे केवल कुछ अपराधियों… आगे पढ़ें
हिन्दुत्व के पोस्टर बॉय हिमंता बिस्वा सरमा और भ्रष्टाचार
समाचार-विचारहिन्दुत्व का पोस्टर बॉय बनने से पहले हिमंता बिस्वा सरमा कांग्रेस में थे और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए थे। भाजपा की वाशिंग मशीन में धुलकर पाक–साफ हो गये, लेकिन उफ, यह भ्रष्टाचार का गहरा जिद्दी दाग फिर भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। हाल ही में उनकी पत्नी पर कांग्रेस… आगे पढ़ें
अवर्गीकृत
हो ची मिन्ह के देश में
अवर्गीकृत–– भगवान स्वरूप कटियार किताबें, संगीत और यात्राएँ हमेशा से मेरी घनिष्ठ दोस्त रही हैं और ताजिन्दगी रहेंगी। बस फर्क इतना है कि संगीत की मधुर ध्वनियाँ और किताबें तो हर पल मेरे इर्द–गिर्द ही रह कर मुझे गुदगुदाती रहती हैं। पर यात्राएँ महबूबा की तरह बहुत इन्तजार… आगे पढ़ें
कविता
गेहुँआ अफ्रीका
कवितामेरा लाल खून मनुष्य का पवित्र लाल खून नीले पसीने की बूँद बन जब गिरता है तुम अपनी नरम हथेलियों की अँजुरी बनाकर बटोरते हो जब मैं उस श्रम के गन्धयुक्त पसीने को सूँघना चाहता हूँ तुम मेरा अपमान करते हो और मुझे दूर रखते हो आँखें मिलाने का साहस करो पुजारी मैं 20वीं शताब्दी का ‘अछूत’… आगे पढ़ें
तुच्छ जीवन की महान गाथा
कविताइस धरती का मैं जूठे नाम का तुच्छ गरीब नहीं, मैं नहीं बन सकता महान! राम प्रसाद शर्मा ओह माँ उनके दादा की थी सात गाँवों में जमीन्दारी दो–बीस (40) ठण्डी बरसातें मेरे बाप ने काटी थी उनके ही घर में हरुआ की जिन्दगी लेकिन वे आदमी थे कितने त्यागी छोड़ दी वैसी हरी–भरी जमीन्दारी… आगे पढ़ें