अनियतकालीन बुलेटिन

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अंक 51, अक्टूबर 2026

संपादकीय

दिल्ली जन्तर–मन्तर पर छात्रों नौजवानों का ऐतिहासिक आन्दोलन : कुछ जरूरी सबक

इस वर्ष नये शिक्षा सत्र की शुरुआत मेडिकल कॉलेज में नामांकन के लिए होने वाली नीट परीक्षा में पेपर लीक और धाँधली के खिलाफ छात्रों–नौजवानों के जुझारू आन्दोलन से हुई। दिल्ली के जन्तर–मन्तर पर कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर हुए इस आन्दोलन का अन्त मोदी सरकार के शिक्षा मन्त्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के...

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ब्लॉग

“संस्कृत कूप जल, भाखा बहता नीर”: विचार हवा में नहीं बनते

एक बिलकुल अप्रसिद्ध लेखक ने संस्कृत और लोक भाषा के विरोधाभाष पर एक लेख लिखा। उसका लेख शैली की दृष्टि से बेहद सफल है। उसका यह…

जब "शिक्षक वही चाहते हैं जो बच्चों की जरूरतें हैं": शिक्षकों के श्रम और शिक्षक संघवाद में अंतर्विरोधों का समाधान

खंड 65, संख्या 02 (जून 2013) “शिक्षक वही चाहते हैं जो बच्चों की जरूरतें हैं--  क्या वे सचमुच यही चाहते हैं?”…

असली परजीवी कौन हैं?

एक ऐसे पेशे के शीर्ष पर विराजमान होकर— जिसने कभी चावल का एक दाना, एक मीटर कपड़ा या रहने के लिए एक ईंट भी नहीं बनायी—…

साहित्य का उद्देश्य

यह सम्मेलन हमारे साहित्य के इतिहास में स्मरणीय घटना है। हमारे सम्मेलनों और अंजुमनों में अब तक आम तौर पर भाषा और उसके प्रचार पर…

पढ़ने की राजनीति

Originally published: Simplifying Socialism  on June 12, 2026 by A. J. Horn (more by Simplifying…

देश विदेश के इस अंक में

सामाजिक-सांस्कृतिक

चार महीने में चौथी बार : स्मारकों पर हमले का अर्थ

–– राजेन्द्र प्रसाद सिंह स्मारक केवल पत्थर, धातु या सीमेंट से बनी आकृतियाँ नहीं होते। वे किसी समाज की सामूहिक स्मृति के दृश्य प्रतीक होते हैं। इसलिए किसी स्मारक को उखाड़ना, तोड़ना या विकृत करना केवल एक प्रतिमा के साथ की गयी हिंसा नहीं हैय वह उस स्मृति, उस विचार और… आगे पढ़ें

जीवन और कर्म

अली सरदार जाफ़री : इनसानियत और मोहब्बत का शायर

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सरदार जाफ़री की याद आयी और जे़हन में उनका एक शे’र कौंध गया, हो जाता हूँ शहीद हर अहले–वफ़ा के साथ हर दास्ताने–शौक़ मेरी दास्ताँ है आज जो शख़्स हर प्रेम–कहानी में अपनी दास्ताँ देखे वही सच्चा शायर हो सकता है, कमाल का नग़मानिगार हो सकता है, प्रखर आलोचक हो सकता… आगे पढ़ें

एक दिन सभी मनुष्य समान होंगे

एक दिन सभी मनुष्य समान होंगे (साल 2025, गीतकार–संगीतकार सलिल चैधरी का जन्मशती वर्ष) –– ज़ाहिद ख़ान सलिल चैधरी का नाम लेते ही जे़हन में एक ऐसे संगीतकार का अक्स आता है, जिसके संगीत में पूरब और पश्चिम का एक अनोखा मिश्रण था। शुरुआत में उनके संगीत पर रवीन्द्रनाथ टैगोर,… आगे पढ़ें

राजनीतिक अर्थशास्त्र

एआई: तकनीक, वर्ग–सत्ता और मानव मुक्ति

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तकनीक तटस्थ लग सकती है, हालाँकि उसका सामाजिक उपयोग तटस्थ नहीं है आज सभी उद्योगों और फैक्ट्रियों में मजदूरों की कहानी बड़े त्रासद रूप में सामने आ रही है जब मशीनों की बढ़ती क्षमता इनसान की मुक्ति का नहीं, उसके बेरोजगारी–विस्थापन का कारण बन जाती है। फैक्ट्री में काम करने वाले… आगे पढ़ें

खनन एवं खनिज अधिनियम, 2026 : पूँजीपतियों की लूट का इन्तजाम

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बीते 13 और 14 अगस्त को सरकार ने खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 लोकसभा और राज्यसभा मे विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद ध्वनि मत से पास करा लिया है। इस संशोधन विधेयक के जरिये केन्द्र सरकार ने खनिज जमीनों पर लगने वाले कर और नीलामी का पूरा नियंत्रण राज्य सरकारों… आगे पढ़ें

पैक्स सिलिका पहल–– एआई युग में साम्राज्यवाद का नया खेल

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11 दिसम्बर 2025 को यूनाइटेड किंगडम, अमरीका, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और इजराइल ने पैक्स सिलिका परियोजना शुरू की। ये सात संस्थापक देश कहे गये। 12 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक भारत, यूरोपीय संघ, जर्मनी, इटली और यूनान सहित इसमें कई और देश शामिल हुए। अब तक इसमें कुल… आगे पढ़ें

राष्ट्र–राज्य की नियति

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राष्ट्र–राज्य क्या है और उसकी ऐतिहासिक विकास यात्रा किन रास्तों से आगे बढ़ी? मध्य युग के इतिहास की अंधेरी सुरंग से सामन्ती व्यवस्था की जर्जर गाड़ी जब चरमराती हुई बाहर निकल रही थी, उसी वक्त पूँजीवादी उत्पादन की तेज रौशनी ने उसे चैंका दिया था–– एक ऐसी रौशनी जो… आगे पढ़ें

राजनीति

असली परजीवी कौन हैं?

–– आनन्द तेलतुम्बड़े एक ऐसे पेशे के शीर्ष पर विराजमान होकर–– जिसने कभी चावल का एक दाना, एक मीटर कपड़ा या रहने के लिए एक ईंट भी नहीं बनायी–– भारत के बेरोजगार युवाओं को परजीवी और कॉकरोच कहना, एक खास तरह की ढिठाई–– या शायद हकीकत से… आगे पढ़ें

पढ़ने की राजनीति

–– ए जे हॉर्न पढ़ने की क्रिया केवल आँखों से पाठ को पढ़ना या–– अगर आप ऑडियोबुक पसन्द करते हैं तो कानों से सुनना ही नहीं है। सही ढंग से किया जाये तो पढ़ना लेखक(ओं) के साथ बौद्धिक संवाद के जरिये बेहतर समझ प्राप्त करने की कला है। औपचारिक शिक्षा से आगे पढ़ने का… आगे पढ़ें

राजनीति में लेखकों की भूमिका

राजनीति में लेखकों की भूमिका1 ––न्गुगी वा थ्योंगो हम उपनिवेशवाद की समस्या को उठाये बगैर देशज संस्कृति की समस्या को नहीं उठा सकते, क्योंकि आज सभी देशज संस्कृतियाँ औपनिवेशिक, अर्ध–औपनिवेशिक और सह–औपनिवेशिक परिस्थितियों के खास प्रभाव के अधीन विकसित हो रही… आगे पढ़ें

शिक्षा में घोल दी नफरत की राजनीति (साजिश हिन्दुत्व के नाम पर)

–– राम शिरोमणि शुक्ल (यह लेख ‘समकालीन तीसरी दुनिया’ पत्रिका के नवम्बर 1998 के अंक से साभार लिया गया है। आज मोदी राज में इसकी प्रासंगिकता और बढ़ गयी है।) जब केन्द्र में भाजपा के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार बनी थी और इसे संचालित करने के लिए एक राष्ट्रीय… आगे पढ़ें

साहित्य

साहित्य लिखने की इच्छा

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दिमाग में खयाल बहुत आते हैं। कई बार मन होता है कि उन खयालों को जोड़कर कुछ कविता, कहानी या उपन्यास बना दूँ। बहुत से पात्र भी दिमाग में घूमने लगते हैं। सभी पात्र संघर्षरत स्थिति में हैं। ये भी डर रहता है कि किसी पात्र के साथ अन्याय न हो। किसी का जरूरत से ज्यादा महिमामण्डन न हो… आगे पढ़ें

पर्यावरण

वन संशोधन अधिनियम : पर्यावरण–आदिवासियों के खिलाफ

–– उत्सा प्रवीण   जब भारत के किसी आदिवासी गाँव में सुबह होती है, तो वहाँ की जिन्दगी पैसे या बाजार के भाव से नहीं, बल्कि जंगल के हिसाब से शुरू होती है। सुबह–सुबह जंगल जाकर महुआ चुनना, तेंदू पत्ता इकट्ठा करना, जड़ी–बूटियाँ खोजना और अपनी पुरानी ‘सरना’… आगे पढ़ें

अन्तरराष्ट्रीय

अमरीका ईरान समझौता –– अजहर

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अमरीका और ईरान के बीच जारी अन्तरिम समझौते की मियाद अगस्त में पूरी हो जाने के बाद अमरीका ने सितम्बर की शुरुआत में ईरान पर फिर से हमला शुरू कर दिया। दोनों देशों के बीच जून 2026 में एक अन्तरिम समझौता हुआ था जिसका मकसद सैन्य संघर्ष को रोकना, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों… आगे पढ़ें

ब्रिक्स सम्मेलन : हाथी आइल, हाथी आइल, हाथी पदलस भों

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13 सितम्बर की शाम को दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स देशों का अट्ठारवाँ सम्मेलन समाप्त हो गया। भारत सरकार ने जबरदस्त ग्रांड–गाला इंतजाम किया था। मेहमानों की शानदार खातिरदारी की गयी। अरबों रुपए पानी की तरह बहा दिये गये। नेताओं ने एक से एक शानदार पॉज में फ़ोटो खिंचवाये। और सब खुशी–खुशी… आगे पढ़ें

समाचार-विचार

अर्ली कैरियर के नाम पर बंधुआ मजदूरी योजना

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बहुत दिनों से है ये मश्गला सियासत का कि जब जवान हों बच्चे तो कत्ल हो जायें –– साहिर लुधियानवी 12वीं कक्षा के बाद छात्र क्या कोर्स चुनें? बेरोजगारी के भयावह दौर में यह एक गम्भीर प्रश्न है। रिश्तेदार, अड़ोसी–पड़ोसी सब अलग–अलग राय देते है। “फलाँ के लड़के… आगे पढ़ें

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नाम क्या–क्या खेल

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ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर तब चर्चा शुरू हो गयी जब खबर मिली कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 सितम्बर, 2026 को यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को कड़ी फटकार लगायी। कारण यह है कि ईडब्ल्यूएस के मरीजों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी)… आगे पढ़ें

इन्स्टाग्राम : बच्चों के यौन शोषण को बढ़ावा

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हाल ही में मेक्सिको की कोर्ट ने मेटा–इन्स्टाग्राम को बाल शोषण और पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देने का दोषी पाया।  उस पर लगभग 35 अरब रुपये का जुर्माना लगाया गया है। लेकिन यह केवल मेक्सिको तक सीमित नहीं है। साइबर टिपलाइन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल दुनियाभर में मेटा… आगे पढ़ें

उर्वरक संकट : सरकारी बदइन्तजामी और जमाखोरी का नतीजा

इस साल जून और जुलाई का महीना खाद और उर्वरक की कमी किसानो के लिए बेहद पीड़ादायक रहा। देश के कोने–कोने से किसानों की बेचैन करने वाली अनेक तस्वीरें सामने आयी थीं जिनमें किसान कड़ी धूप में सुबह से शाम तक उर्वरक दुकानों के बाहर खड़े थे। कई जगह पर दो–दो दिनों तक किसानों को… आगे पढ़ें

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पर मुनाफाखोरों की नजर

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अगस्त 2026 से असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का मामला गर्माया हुआ है। वहाँ की भाजपा सरकार ने उस उद्यान का क्षेत्र 10 से घटाकर एक किलोमीटर करने का फैसला कर लिया। एक सींग वाले गैंडों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध इस उद्यान पर यह एक घातक हमला है। यह उद्यान ब्रह्मपुत्र नदी के… आगे पढ़ें

गोबर और गोमूत्र की भेंट चढ़ी शोध की रकम

गाय, गोबर और गोमूत्र हमारे देश में वैज्ञानिक शोधकार्यों की रकम डकारने का जरिया बन गये हैं। फरवरी 2019 में मोदी सरकार ने एक ‘राष्ट्रीय कामधेनु आयोग’ बनाया था। इसका काम गायों का ‘संरक्षण और संवर्धन’ करना बताया गया और इसके लिए 500 करोड़ रुपये का बजट दिया… आगे पढ़ें

घुसपैठियों के नाम पर मुस्लिम प्रवासियों का उत्पीड़न

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हाल ही में सुनाली खातून और उनके परिवार का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया। पिछले साल दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी घुसपैठिया होने का आरोप लगाकर उन्हें बांग्लादेशी बार्डर के पार धकेल दिया था। घुसपैठियों के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई बताकर गोदी मीडिया ने इसका जमकर प्रचार… आगे पढ़ें

छात्रवृत्ति घोटालों के बढ़ते मामले

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बीते जुलाई महीने में राजस्थान से छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर चैंकाने वाली खबर सामने आयी है। राज्य के 300 से अधिक स्कूल और कॉलेजों पर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने का आरोप लगा है। छात्रों के लम्बे संघर्ष के बाद ही इनके खिलाफ जाँच हो पायी। जाँच में अनेकों शिक्षण संस्थान तो… आगे पढ़ें

ट्रम्प मीडिया एण्ड टेक्नोलॉजी ग्रुप की काली करतूत

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सनक के धनी अमरीका के राष्ट्रपति ट्रम्प की एक फर्म है–– ट्रम्प मीडिया एण्ड टेक्नोलॉजी ग्रुप (टीएमटीजी)। इसने योजना बनायी कि शेयर मार्केट के दीवानों से एक लाख डॉलर हर महीने वसूले जायें। इसके बदले वह लोगों को न्यूज से पहले सूचित करेंगे कि ट्रम्प क्या बोलने वाले हैं।… आगे पढ़ें

बच्चों के हत्यारे इजराइली दरिन्दे

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इजराइल ने गाजा के नासिर अस्पताल के पास खान यूनिस शिविर पर हमला किया। इसके बाद लगी आग में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गयी। इनमें पिता, तीन बच्चे और उनके पोते–पोतियाँ शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शी अतल्लाह अबू हदैयेद ने बताया, “धमाका इतना तेज था कि हम दौड़कर घटनास्थल… आगे पढ़ें

ब्रिक्स सम्मेलन में शाकाहारी गाला डिनर की नफासत

ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने एक गाला डिनर रखा, जिसका नाम दिया गया “अन्नपूर्णा”। यहाँ बता दें कि गाला डिनर बड़ा, औपचारिक और उत्सवपूर्ण रात्रिभोज होता है जो किसी खास मकसद या जश्न के लिए आयोजित किया जाता है। मोदी का पूरा डिनर पूरी तरह शाकाहारी था जिसकी मीडिया… आगे पढ़ें

वनतारा चिड़ियाघर

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जामनगर गुजरात में करीब 3 हजार एकड़ में दुनिया का सबसे बड़ा वन्यजीव बचाव एवं पुर्नवास केन्द्र (एनिमल रेस्क्यू एण्ड रिहैबिलिटेशन सेण्टर) बनाया गया है जिसका मालिक  रिलायंस फाउण्डेशन का अनन्त अम्बानी है। रिलायंस फाउण्डेशन की तरफ से सेवा करने वाली संस्था बताकर इसका प्रचार–प्रसार… आगे पढ़ें

सत्य निकेतन हादसा : सत्ता के खून सने हाथ

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हाल ही में, दिल्ली के सत्य निकेतन में हॉस्टल की पाँच मंजिली इमारत ढहने की घटना ने सबको झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में छ: छात्रों की मौत हो गयी और दर्जनों घायल हुए। देश के दूर–दराज इलाकों से निकल कर दिल्ली पहुँचने वाले इन छात्रों और उनके परिवारों के सभी सपने टूट–बिखर… आगे पढ़ें

सोशल मीडिया पर हिन्दुत्ववादियों का जाल और जंजाल

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7 अगस्त को रांची में विधानसभा घेराव करने जा रहे छात्रों के समर्थन में निकाले गये मार्च के दौरान नेहा बोरा पर एक व्यक्ति ने स्याही फेंकी। उसने नेहा बोरा को “एण्टी नेशनल” और उमर खालिद का समर्थक बताया। यह घटना सोशल मीडिया पर फैलाये जा रहे धार्मिक उन्माद का नतीजा है।… आगे पढ़ें

अवर्गीकृत

किताब परिचय : फ्रांस की क्रान्ति

किताब परिचय : फ्रांस की क्रान्ति –– निधि गौतम अभी हाल ही में मैंने प्रो– लाल बहादुर वर्मा की लिखी एक पतली–सी पुस्तिका ‘फ्रांस की क्रान्ति’ पढ़ी। पुस्तिका छोटी है, लेकिन मुझे बेहद उपयोगी लगी। अगर हम फ्रांस की क्रान्ति के महत्व, उसकी कमियों,… आगे पढ़ें

जीडीपी के आँकड़े बनाम आम आदमी की जेब

–– विश्व प्रताप सिंह भारत में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के नए आँकड़े आने के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। सरकार की नयी गणना के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था लगभग 7-8 प्रतिशत की तेज गति से बढ़ रही है। लेकिन पूर्व वित्त सचिव सुभाष चन्द्र गर्ग सहित कुछ अर्थशास्त्रियों… आगे पढ़ें

कविता

कत्ल कर दिये गये फिलिस्तीनी बच्चों के नाम

अरी ओ रात, ओ सितारे, ओ गलियाँ, ओ बादल कोई उसे कहो हमारे पास जबाब नहीं है बहुत बड़ा है यह घाव आँसुओं से, दुखों से और यातना से नहीं बर्दाश्त नहीं कर पाओगी तुम सच्चाई क्योंकि तुम्हारा बच्चा मर चुका है माँ, ऐसे आँसू मत बहाओ क्योंकि आँसुओं का एक स्रोत होता है उन्हें बचा कर रखो शाम… आगे पढ़ें