(1)

हे भिक्षु, मुझे बताओ

कि कैसे त्यागा तुमने

सांसारिक वस्तुओं को ?

 

जब तुमने अपने वस्त्र त्यागे तो

शानदार रेशमी वस्त्र धारण कर लिये।

जब तुमने लालच के विरुद्ध उपदेश

देना शुरू किया

तो विशाल भूमि पर कब्जा कर लिया

और बेशुमार धन इकट्ठा कर लिया।

जब तुमने सभी वासनाओं से दूर रहने की

घोषणा की, तो

लोगों के बीच नफरत फैलाना शुरू कर दिया।

और अन्त में सर्व शक्तिमान के नाम पर तुमने कुर्सी हथिया ली।

जनता का सेवक यह कबीर कहता है,

क्या छोड़ पाएगा यह राक्षसपुत्र सत्ता का मोह ?

मेरे साथ चलने वालो

अगर, तुम्हारे दिमाग में कोई सवाल है अभी भी,

तो देखो,

वह कुर्सी, जिस पर वह चिपका हुआ है इतनी मजबूती से

कर रही है कितने अत्याचार।

 

(2)

प्रेम दरगाहों में नहीं मिलता

 

अगर प्रेम दरगाहों में मिलता

मेरे दोस्तो!

तो दुनिया में एक भी दुखी आत्मा न होती।

हर गली, हर रास्ता और हर कोना,

भगवान की हर आस्था के रंग–बिरंगे मंदिरों से सजा हुआ है।

 

यदि धर्म आपको प्रेम प्राप्त करने में

मदद करता, जो इस धरती पर है बहुत ज्यादा

किसी भी और चीज से।

तो फिर हम अभी तक क्यों डूबे हैं

नफरत के नशे में

कहते हैं कबीर

प्रेम न तीर्थस्थलों में पाया जा सकता है,

न ही शास्त्रों में, इसे योग या ध्यान से भी पाया नहीं जा सकता।

ओ दुखियारे लोगों सुनो,

प्रेम का संसार, तुम्हारे संघर्ष

के कामों से आकार लेता है।

 

(3)

तुम मुझसे इतना डरते क्यों हो ?

 

ओ पण्डित

ओ मुल्ला

मैं कोई नास्तिक नहीं हूँ

क्योंकि अधार्मिकता का प्रचार करने को मैं

अपना पेशा नहीं मानता।

मैं अज्ञेयवादी नहीं

क्योंकि मैं अपने सिर पर सन्देहों के ढेर नहीं

लादे रहता।

मैं धर्मनिरपेक्षतावादी भी नहीं

क्योंकि मैं सभी धर्मों के चैराहे पर

खड़ा नहीं हूँ।

मैं तर्कवादी नहीं हूँ

क्योंकि मैं शुद्ध तर्क का उपयोग नहीं करता

मैं विधर्मी नहीं

क्योंकि आपके पूजा करने

और जीवन जीने के रूढ़िवादी तरीकों के

पीछे पड़ना मेरा काम नहीं।

कबीर कहते हैं,

वह लोगों के लिए प्रेम का दूत है,

तुम मेरे तरीकों से इतना डरते क्यों हो।         

20 नवम्बर 2019, ( उदयमित्र के लिए)

 

(4)

ओ मतदाता

तुम बिल्कुल कैसान्द्रा’ की तरह हो

तुम्हें भविष्यवाणी करने की

शक्ति दी गयी है

और तुम्हारी भविष्यवाणियों को झूठ होने

का श्राप भी मिला है।

तुम हर बार पहाड़ की चोटी पर

ले जाते हो पत्थर, 

लाद कर अपने कन्धों पर

और बार–बार यह देखते हो कि वह

नीचे गड्ढे में लुढ़क रहा है।

आप सीसिफस’’ हैं

जिन्हें हॉब्सन का अभिषाप मिला है।

 

मतदाता!

आप एक बेचेहरा जीव हैं।

याद रखें

आप सिण्ड्रेला’’’ हैं

जो अपनी बेड़ियाँ तोड़ कर

मुक्त हो जाती है,

लेकिन कोई राजकुमार कभी

नहीं आता उसकी मदद के लिए।

आपको अपने ही हाथों से

बनानी होगी अपनी दुनिया।

 25 सितम्बर 2019

’ग्रीक माइथोलॉजी में प्राइयम और हेकुबा की बेटी कैसान्द्रा जिसे देवता अपोलो से भविष्यवाणी करने का वरदान मिला था, लेकिन उसके प्यार को स्वीकार न करने से क्रुद्ध होकर उसने यह श्राप भी दिया कि उसकी भविष्यवाणियों पर कोई विश्वास नहीं करेगा, चाहे वह कितनी भी सच्ची क्यों न हों।

’’सीसीफस–– यूनानी किवदन्ती, जिसके अनुसार सीसीफस को देवताओं ने एक पहाड़ी पर बार–बार पत्थर ले जाकर उसे लुढ़काने के लिए कहा।

’’’सिण्ड्रेला– परीकथा की एक नायिका जिसके गुणों को कोई भाव नहीं देता और बहुत लम्बी अवधि तक दु:ख भरा और उपेक्षित जीवन गुजारने के बाद उसे अनपेक्षित सफलता मिलती है।

 

(5)

स्वर्ग नरक की एक सच्ची कहानी

 

इस महार ने आत्मसम्मान के नशे में,

भविष्य के स्मार्ट शहर

का साइन बोर्ड तोड़ कर

राज्य के खिलाफ असन्तोष को

बुलावा दिया

इसके अलावा उसने

कुछ नहीं किया था

उसे देशद्रोह के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

 

इस चमार ने

शासन के खिलाफ कुछ भी

नहीं किया था

बल्कि आत्मप्रशंसा के नशे में

भविष्य के स्मार्ट शहर से

मृत गाय को हटाने से इनकार करके

असन्तोष को आमंत्रित किया

उसे देशद्रोह के तहत

गिरफ्तार कर लिया गया।

 

सुनहरे रंग की ऊँची मेज के

पीछे बैठे, बालों वाले मजिस्ट्रेट ने

अपना फैसला सुनाते हुए

महार और चमार को

भविष्य में स्मार्ट शहरों से आजीवन

परलोक के लिए निर्वासित कर दिया।

महार को स्वर्ग ले जाया गया

और चमार को नर्क

दोनों को जीवन और उसके बाद के जीवन के लिए

सुबह शाम देवताओं की गन्दगी साफ करने का

पवित्र काम सौंपा गया

और बाकी के दिन उन्हें सिर्फ मलमूत्र साफ करना था।

(12 अप्रैल 2018)

(विजयकुमार की कहानियों पर आधारित वे कैदी, जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों से जेल की सजा काटी।)

अनुवाद–– उषा नौडियाल