अंक 46, सितम्बर 2024
संपादकीय
बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार का पतन नवउदारवादी नीतियों का लाजमी नतीजा
पिछले 5 अगस्त को बांग्लादेश में उग्र छात्र आन्दोलन और जनउभार के परिणामस्वरुप 15 साल से वहाँ की सत्ता पर काबिज प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपने पड़ से इस्तीफा देकर सेना के हेलीकाप्टर से भारत भागना पड़ा। दक्षिण एशिया की वे दूसरी नेता हैं जिन्हें जनान्दोलन के दबाव में देश छोड़कर भागना पड़ा। इससे पहले...
ब्लॉग
रूस–यूक्रेन युद्ध अभी जारी है
रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर पहली बार हमला किया। इसके बाद से यह लड़ाई अनवरत जारी है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोपीय…
2,26,800 करोड़ रुपये का मासिक व्यापार घाटा
सितम्बर महीने में व्यापार घाटा 1,74,552 करोड़ रुपये (20.78 अरब डॉलर) था जिसको लेकर सरकार और मीडिया ने खूब ढिंढोरा पीटा कि भारत…
रूस की समाजवादी शिक्षा-व्यवस्था दुनिया के लिए बनी मिसाल
भारत की आजादी के 70 दशक हो चुके हैं फिर भी हमारी सरकारें देश की जनता को शिक्षा और स्वस्थ्य का समान अधिकार देने में नाकाम रहीं…
बुद्धिजीवी की भूमिका
(विश्वविख्यात पुस्तक 'ओरियंटलिज्म़` (प्राच्यवाद) के लेखक एडवर्ड सईद (१ नवंबर, १९३५-२५ सिंतबर, २००३) लंबे समय तक…
‘ट्रेजेडी ऑफ कॉमन्स’ का मिथक
क्या साझा संसाधनों का हमेशा दुरुपयोग और अत्यधिक उपयोग किया जाएगा ? क्या जमीन, वन और मत्स्य पालन पर सामुदायिक मालिकाना पारिस्थितिक…
देश विदेश के इस अंक में
सामाजिक-सांस्कृतिक
दिल्ली से पेरिस तक विनेश का संघर्ष
सामाजिक-सांस्कृतिक | अमरपाल“माँ के पेट से मरघट तक तेरी कहानी पग–पग प्यारे दंगल–दंगल” दंगल फिल्म की ये लाइनें पहलवान विनेश फोगाट पर एकदम सही बैठती हैं। भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने पेरिस ओलम्पिक में 7 अगस्त 2024 को एक ही दिन में तीन कुश्ती जीतकर फाइनल में जा कर इतिहास रचा।… आगे पढ़ें
‘प्रतिरोध की संस्कृति’ पर केन्द्रित ‘कथान्तर’ का विशेषांक
सामाजिक-सांस्कृतिक(संस्कृति की विभिन्न धारणाओं से टकराता हुआ) –– महेन्द्र नेह राणा प्रताप के सम्पादन में प्रकाशित होने वाली पत्रिका ‘कथान्तर’ कई मायनों में समकाल की अधिकांश पत्रिकाओं से अपनी अलग पहचान निर्मित करती है। कथान्तर का हर अंक विशेषांक होता है, किन्तु वह विशेषांक… आगे पढ़ें
जीवन और कर्म
जिगर मुरादाबादी : प्रेम के अप्रतिम कवि
जीवन और कर्म | विजय गुप्तजिगर मुरादाबादी कवि–कुल में जन्मे और कविता उन्हें विरासत में मिली। पिता, दादा, परदादा सभी कवि रहे। उनके पूर्वज मौलवी समीअ़ दिल्लीवासी थे और बादशाह शाहजहाँ के शिक्षक भी। किसी बात से बादशाह रूठ गये और उन्हें दिल्ली से निकाल दिया गया। वह मुरादाबाद में जा बसे और यहीं अली सिकन्दर… आगे पढ़ें
भीष्म साहनी: एक जन–पक्षधर संस्कृतिकर्मी का जीवन
जीवन और कर्म | मोहित वर्माभीष्म साहनी का जन्म गुलाम भारत के रावलपिण्डी शहर में 8 अगस्त 1915 में हुआ था। पिता हरवंशलाल आर्य समाज के मंत्री थे। माँ का नाम लक्ष्मी था। वह बड़ी धार्मिक स्वभाव की महिला थी। भीष्म साहनी अपनी माँ से कहानियाँ और गीत सुनते हुए बड़े हुए। पिताजी का कपड़ों का व्यापार था। चार भाई बहनों… आगे पढ़ें
राजनीतिक अर्थशास्त्र
बजट–2024 में जनता की जेब पर अभूतपूर्व डाकेजनी
राजनीतिक अर्थशास्त्र | अभिषेक तिवारी23 जुलाई 2024 को नवनिर्वाचित एनडीए सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सितारमण ने देश का आम बजट पेश किया। यह बजट जन–पक्षधर है या जन–विरोधी, इसे इसी नजरिये से देखने और समझने की जरूरत है, नहीं तो वित्त मंत्री का भाषण सिर्फ मोदी सरकार के महिमा–मण्डन से ज्यादा कुछ नजर… आगे पढ़ें
राजनीति
डिजिटल कण्टेण्ट निर्माताओं के लिए लाइसेंस राज
राजनीति–– अपार गुप्ता क्या ध्रुव राठी और रवीश कुमार के यूट्यूब वीडियो 2024 के आम चुनाव में मतदाताओं की प्राथमिकताओं को प्रभावित कर सकते थे? यह सवाल उस केन्द्र सरकार से सम्बन्धित है जिसने दावा किया था कि वह बढ़े हुए बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी, लेकिन कम जनादेश के साथ गठबन्धन… आगे पढ़ें
भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र विशेष सार्वजानिक सुरक्षा विधेयक : पुलिसिया राज की ओर भारत
राजनीति | सतेन्द्र सिद्धार्थनिसार मैं तिरी गलियों के ऐ वतन कि जहाँ चली है रस्म कि कोई न सर उठा के चले जो कोई चाहने वाला तवाफ को निकले नजर चुरा के चले जिस्म ओ जाँ बचा के चले––– –फैज अहमद फैज 1 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और नये अपराधिक कानून देशभर में लागू कर दिये गये।… आगे पढ़ें
लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की रणनीति
राजनीति | मोहित पुण्डीर4 जून को लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए। लम्बी अटकलों के बाद आखिरकार नितीश कुमार और चन्द्रबाबू नायडू के समर्थन से भाजपा–नीत राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबन्धन यानी एनडीए सरकार बनने में सफल रही। बैसाखी के सहारे ही सही, तीसरी बार मोदी प्रधानमंत्री बने। यह चुनाव दाँव–पेंच… आगे पढ़ें
साहित्य
फासीवाद के खतरे : गोरी हिरणी के बहाने एक बहस
साहित्य–– जयपाल पंजाब के विख्यात साहित्यकार डॉ गुलजार सिंह सन्धू के उपन्यास ‘गोरी हिरणी’ की साहित्य जगत में आजकल काफी चर्चा है। मूल रूप से पंजाबी में लिखा गया यह उपन्यास पहले अंग्रेजी और अब हिन्दी में अनुदित हुआ है। प्रकाशक दिगम्बर (गार्गी प्रकाशन) के अनुसार… आगे पढ़ें
कहानी
व्यंग्य
बडे़ कारनामे हैं बाबाओं के
व्यंग्य–– प्रमोद झा बाबाई अपकर्म बल्कि यह कहिये कि बाबाओं की वास्निक कारगुजारियाँ समाज और देश में बाबा अपसंस्कृति भी उस कुत्सित राजनीति की मानिन्द है जिसके लपेटे में अब तक अनेकानेक स्त्रियाँ आ चुकी हैं। पहले के दौर में भी जो नामचीन बाबा और तथाकथित प्रवचनकार थे उनके चंगुल… आगे पढ़ें
विचार-विमर्श
क्रान्तिकारी विरासत और हमारा समय
विचार-विमर्श(प्रो– लालबहादुर वर्मा की याद में देहरादून में आयोजित व्याख्यान–माला में प्रो– जगमोहन सिंह, अध्यक्ष, जम्हूरी अधिकार संगठन, पंजाब का व्याख्यान) प्रो– लालबहादुर वर्मा ने इतिहासबोध शब्द दिया, इस शब्द में बहुत गहराई है, मैं इसी से अपनी बात शुरू करना… आगे पढ़ें
समाचार-विचार
अयोध्या में सेना की जमीन की बन्दरबाँट
समाचार-विचार | अजहरअदानी समूह की सहायक कम्पनी ने नवम्बर 2023 में भाजपा के पूर्व विधायक सी पी शुक्ला से अयोध्या के माझा जमथरा गाँव में 1–4 हेक्टेयर जमीन खरीदी। इस जमीन को विधायक महोदय ने करीब एक साल पहले खरीदा था। इसी कड़ी में जुलाई 2023 में बाबा रामदेव की सहयोगी कम्पनी ने 3–035 हेक्टेयर,… आगे पढ़ें
काँवड़ के बहाने ढाबों–ढेलों पर नाम लिखाने का साम्प्रदायिक फरमान
समाचार-विचार15 जुलाई को मुजफ्फरनगर के एसपी ने काँवड़ यात्रा के दौरान एक अनोखा फरमान जारी किया। सड़कों के आसपास फल बेचने वाले, ढाबे वाले और अन्य विक्रेताओं को आदेश दिया गया कि वे अपनी दुकानों के बाहर अपने नाम का बोर्ड लगायें। इसके साथ ही यह कहा गया कि दुकान या ढाबे में काम करने वाले सभी कर्मचारियों… आगे पढ़ें
तूतुकुड़ी में उद्योगपति के इशारे पर मारे गये थे लोग : मद्रास हाई कोर्ट
समाचार-विचार | शैलेन्द्र चौहान2018 में तमिलनाडु के तूतुकुड़ी में स्टरलाइट कम्पनी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने बेरहमी से गोलियाँ चला दी थीं, जिसमें 13 लोग मारे गये थे। मद्रास हाई कोर्ट ने इस घटना में उद्योगपतियों की जवाबदेही तय की। मद्रास हाई कोर्ट ने छह साल पुराने इस मामले में सुनवाई करते हुए… आगे पढ़ें
देश में बाढ़ की विभीषिका और सरकारी तंत्र की असफलता
समाचार-विचार | नवनीत29 जुलाई 2024 तक केरल के वायनाड जिले में 73 फीसदी वर्षा की कमी थी। लेकिन एक दिन बाद 30 जुलाई को वहाँ 500 फीसदी से अधिक बारिश हो गयी। इसके चलते एक पहाड़ी ढह गयी जिससे प्रभावित क्षेत्रों में कीचड़, पानी और बोल्डर की बाढ़ आ गयी। भूस्खलन का मलबा 8 किलोमीटर तक फैल गया और 21 एकड़ से ज्यादा… आगे पढ़ें
नाबालिग बच्चों को हैवान बनाती व्यवस्था
समाचार-विचार | सागरभारतीय समाज व्यवस्था की मौजूदा स्थिति बहुत ही सोचनीय और दयनीय है। भारत की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संकट घटने के बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दूसरी तरफ देश का भविष्य तरुण पीढ़ी यानी 8 से 16 साल के नाबालिग बच्चे जो भविष्य में देश का निर्माण करने, देश को नयी दिशा… आगे पढ़ें
बांग्लादेश की घटना का भारत में साम्प्रदायिक इस्तेमाल
समाचार-विचार | सतेन्द्र सिद्धार्थ5 अगस्त को छात्र संगठनों के नेतृत्व में बांग्लादेश की जनता ने प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता उखाड़ फेंकी। जनता के उग्र आन्दोलन के आगे मजबूर होकर शेख हसीना को देश छोड़कर भारत भागना पड़ा। इस घटना ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी। हर तरफ शेख हसीना के शासन और जनता के आन्दोलन का विश्लेषण… आगे पढ़ें
बीमारी से मौत या सामाजिक स्वीकार्यता के साथ व्यवस्था द्वारा की गयी हत्या?
समाचार-विचारजैसे–जैसे पूँजीवादी समाज विकास की और अग्रसर होता है, वैसे–वैसे वंचित और हाशिए पर धकेल दिये गये मेहनतकश लोगों के लिए कुछ समस्याएँ असमाधेय रूप में प्रकट होने लगती हैं। ऐसी ही एक समस्या है स्वास्थ्य सेवा की समस्या। भारत में धनाढ्य और विशेषाधिकार प्राप्त लोग शायद ही… आगे पढ़ें
भाजपा राज में गायब होते जंगल
समाचार-विचार | सूरज गुप्तादेहरादून के रायपुर क्षेत्र में सौंग परियोजना का रिजरवॉयर और ट्रीटमेंट प्लांट बनाना प्रस्तावित हुआ है। इसके चलते 2000 पेड़ों को कटान के लिए चिन्हित किया गया है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि इस तरह से जंगल को काट कर मुनाफे की प्यास बुझाना सही नहीं… आगे पढ़ें
महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हैवानियत
समाचार-विचार | जैनबबीते 10 जुलाई को चन्दौली के अलीनगर में एक 22 साल की लड़की के साथ आठ लड़कों ने बलात्कार किया और उसे तड़पता हुआ रेल की पटरियों पर फेंक दिया। जहाँ पुलिस को इसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए थी लेकिन उसने उल्टा उस लड़की को ही दो दिन तक थाने में जबरदस्ती बैठा के रखा और उसके साथ मारपीट… आगे पढ़ें
मानव अंगों की तस्करी का घिनौना व्यापार
समाचार-विचार24 जुलाई को ‘द हिन्दू’ अखबार ने मानव अंगों की तस्करी से सम्बन्धित एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली समेत देश के बड़े–बड़े शहरों में अंगों की तस्करी का व्यापार बड़े पैमाने पर फल–फूल रहा है। मानव अंगों के इस व्यापार की कड़ी भारत… आगे पढ़ें
यूपीएससी की तैयारी में लगे छात्रों की दुर्दशा, जिम्मेदार कौन?
समाचार-विचार27 जुलाई की शाम दिल्ली के राजेन्द्र नगर स्थित एक लाइब्रेरी में हृदय विदारक घटना घटी। यह लाइब्रेरी एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में चल रही थी। अचानक बारिश का पानी भरने से यहाँ उपस्थित तीन छात्रों की डूबकर मौत हो गयी। इस घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। लाइब्रेरी में पढ़ने वाले छात्रों… आगे पढ़ें
राजस्थान में परमाणु पावर प्लाण्ट का भारी विरोध
समाचार-विचारराजस्थान का बंसवाड़ा जिला, जो नदियों से सिंचित एक हरी–भरी घाटी है, जहाँ की ज्यादातर आबादी गरीब आदिवासी है जो प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर सालों से वहाँ रहती आयी है, वहाँ पिछले कई दिनों से स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार के मनमाने फैसलों ने शान्तिपूर्ण जीवन… आगे पढ़ें
सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस से जुड़ने का प्रतिबन्ध हटा
समाचार-विचार | आकाश9 जुलाई 2024 को ‘कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग’ ने केन्द्र सरकार के कर्मचारियों पर आरएसएस के कार्यक्रमों में शामिल होने पर लगे प्रतिबन्ध को हटा दिया है। भाजपा शासित राज्यों ने यह रोक पहले ही हटा दी थी। यह प्रतिबन्ध महात्मा गाँधी की हत्या के बाद देश के पहले गृहमंत्री… आगे पढ़ें
सेमीकण्डक्टर चिप कम्पनियों की इजारेदारी और लूट का आलम
समाचार-विचार | समर्थ2022 में अमरीकी कम्पनी माइक्रॉन टेक्नॉलजी ने भारत में बड़ा निवेश करने का ऐलान किया था। सेमीकण्डक्टर चिप बनाने वाली इस कम्पनी ने हाल ही में गुजरात के सानन्द औद्योगिक क्षेत्र में अपना पैकेजिंग प्लाण्ट शुरू भी कर दिया है। इस प्रोजेक्ट में करीब 23,053 करोड़ रुपये का कुल निवेश होगा,… आगे पढ़ें
हाथरस की भगदड़ में मौत का जिम्मेदार कौन
समाचार-विचारउत्तर प्रदेश के हाथरस स्थित सिकन्दराऊ थाना क्षेत्र के फुलरई गाँव में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ से 121 लोगों की मौत हो गयी, जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतकों में ज्यादातर महिलाएँ और बच्चे थे। हालाँकि इस तरह के आयोजन में होने वाला यह पहला हादसा नहीं… आगे पढ़ें
‘छँटनी’ से बेहाल नौकरीपेशा लोग
समाचार-विचार | उत्कर्षएक सॉफ्टवेयर इंजीनियर आईटी सेक्टर की एमएनसी कम्पनी में नोएडा में काम करता है जिसमें करीब सौ कर्मचारी हैं। एक शाम उसके पास ईमेल आया कि “आज कम्पनी के हवाले से मैं टेक्निकल हेड अपने दिल पर पत्थर रखकर यह बात कह रहा हूँ कि हमारी कम्पनी की कम ग्रोथ के चलते हम सभी कर्मचारियों… आगे पढ़ें