अनियतकालीन बुलेटिन

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अंक 48, जुलाई 2025

संपादकीय

चन्द हाथों में दौलत, करोड़ों के हिस्से में भुखमरी

भारत में बढ़ती गैर–बराबरी पर ऑक्सफेम की ताजा रिपोर्ट चैकाने वाली है जिसके अनुसार भारत की कुल सम्पत्ति के 40 फीसदी से ज्यादा हिस्से पर 1 फीसदी चोटी के अमीरों का कब्जा है। पिछले 10 सालों में इनकी सम्पत्ति 121 फीसदी बढ़ी है। देश की सम्पत्ति पर कब्जा करने में यहाँ के अमीरों ने अमरीका...

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देश विदेश के इस अंक में

सामाजिक-सांस्कृतिक

अम्बेडकर ने कहा था कि हिन्दू राज भारत के लिए सबसे बड़ी आपदा होगी

दलित आन्दोलन के अग्रणी विद्वान तेलतुम्बड़े बताते है कि कैसे हिन्दुत्ववादी पार्टियाँ राजनीतिक लाभ के लिए बाबासाहेब का इस्तेमाल करती हैं। –– अमेय तिरोडकर विद्वान आनन्द तेलतुम्बडे कहते हैं कि अम्बेडकर का मानना था कि जब तक हिन्दू धर्मशास्त्रों को नष्ट नहीं किया जाएगा,… आगे पढ़ें

एलन मस्क और महिलाओं की ‘सुरक्षा’ का झूठा दक्षिणपंथी आख्यान

2000 के दशक में, टेलफोर्ड, रोशडेल, ऑक्सफोर्ड और रॉदरहैम सहित ब्रिटिश शहरों में बाल यौन शोषण के कई मामले उजागर हुए, जिनमें सैकड़ों बच्चों की जिन्दगी तबाह हो गयी थी। 2011 में, टाइम्स के पत्रकार एण्ड्रयू नॉरफॉक ने बताया कि तथाकथित “ग्रूमिंग गैंग्स” पाकिस्तानी मूल के… आगे पढ़ें

जीवन और कर्म

कैफ़ी आज़मी : मेरी आवाज़ सुनो

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कैफ़ी आज़मी सचमुच हिन्दी–उर्दू साहित्य के सूरज–चाँद हैं। ख़्ाुशवन्त सिंह उन्हें उचित ही आज के उर्दू साहित्य का बादशाह कहते हैं। उन्होंने बादशाही के नये कीर्तिमान गढ़े, नयी मंज़िलों को फ़तह किया। हिन्दी और उर्दू के बीच उनकी उपस्थिति एक चमकते हुए तारे की तरह है जो हमें… आगे पढ़ें

राजनीति

कर्नाटक सरकार देवनहल्ली के किसानों के साथ विश्वासघात कर रही है

–– ललिता क्या कर्नाटक सरकार किसानों को धोखा देने, देवनहल्ली की उपजाऊ कृषि भूमि को कॉर्पाेरेट और रियल एस्टेट माफिया के हवाले करने पर आमादा है? क्या वह खुद का पतन देखना चाहती है? देवनहल्ली तालुक के चन्नारायपटना होबली में 13 गाँवों के 800 परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन पर… आगे पढ़ें

साहित्य

चिली में गुप्तवास

(गैब्रियल गार्सिया मार्खेज द्वारा फिल्म निर्देशक मिगेल लितिन के कारनामों की दास्तान) –– महेन्द्र नेह मार्खेज को उनकी जादुई यथार्थ लेखन शैली के लिए कौन नहीं जानता? गार्गी प्रकाशन द्वारा दिसम्बर, 2024 में मार्खेज द्वारा लिखित और उषा नौडियाल द्वारा अनूदित, एक बेहद सनसनीखेज… आगे पढ़ें

निकोलाई ओस्त्रोव्स्की का उपन्यास ‘अग्निदीक्षा’

–– लाल बहादुर वर्मा (जन इतिहासकार लाल बहादुर वर्मा का जीवन ऐसा था कि उन्हें एक संकल्पित इतिहासकर्मी कहना ही सही होगा। अपनी तरह के अकेले! लेकिन पूरी दुनिया बना कर रखते थे, मानवीय दुनिया। 20 साल से भी ज्यादा हो गया, उन्होंने इन्हें लिखा होगा, बच्चों के लिए ये हस्तलिखित… आगे पढ़ें

कहानी

अधूरी पेंटिंग की उल्टी गिनती

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हवा गर्म और उदास है, मानो धरती ने अपनी सारी गर्मी समेट ली हो और उसे दिल्ली के वायुमण्डल में बिखेर दिया हो। आसमान का रंग धुँधला और बोझिल है। सूरज की तेज रश्मियाँ, सड़कों पर लपलपाती ताप की लहरों की तरह चुभ रही हैं। इमारतों के ऊपर से उड़ते धुएँ और गैस के बादल, जो हवा में फैलकर हर… आगे पढ़ें

श्रद्धांजलि

उपेक्षितों का चित्रण और पिकासो का नीला काल

यदि हजारों वर्षों के विश्व चित्रकला इतिहास में से पाँच श्रेष्ठ चित्रकारों को चुना जाये तो उस सूची में पाब्लो पिकासो (1881–1973) का नाम निश्चय ही शामिल होगा। बहुत कम उम्र में, पिकासो ने चित्रकला के परम्परागत मानकों को तोड़कर अपने लिए एक नया और चुनौती भरा रास्ता चुना। चित्रकला… आगे पढ़ें

पर्यावरण

कांचा गाजीबोवली–– मुनाफे ने मारा जंगल

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सोचिए एक सुबह खुला आसमान, ठण्डी हवा और मोर की आवाज सब अचानक खामोश हो जाये। पेड़ सूने खड़े हों, जमीन पर बस धूल हो और हवा में सिर्फ मशीनों की गूंज। हैदराबाद की कांचा गाजीबोवली की यही दर्दनाक कहानी है एक जमीन जो कभी जंगल थी, अब पूँजीपतियों के मुनाफे की बिसात बन चुकी है। हैदराबाद… आगे पढ़ें

ट्रम्प जलवायु समझौते से भाग गया

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21 मार्च 2025 भारत में इस सदी का सबसे गर्म दिन था। इस दिन दिल्ली में पारा 41–3 डिग्री सेंटीग्रेड और राजस्थान के बाड़मेर में 47 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुँच गया। यह भयावह हो चुके जलवायु संकट का एक लक्षण मात्र है। लेकिन ठीक इसी समय अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प अपनी तमाम पर्यावरणीय… आगे पढ़ें

मीडिया

जेन जेड वर्गीकरण: लूट की व्यवस्था को बढ़ावा देने का हथकण्डा

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आजकल जेनरेशन जेड, जेनरेशन अल्फा, जेनरेशन बीटा जैसे नाम खबरों में हैं। दफ्तरों में या युवाओं के बीच जनरेशन के इन शब्दों का चलन अधिक मिलता है। उम्र के हिसाब से पीढ़ियों के इस विभाजन को पीढ़ीगत वर्गीकरण कहा जाता है। इस वर्गीकरण में बताया जाता है कि हर पीढ़ी की अपनी खास विशेषता है… आगे पढ़ें

अन्तरराष्ट्रीय

अमरीका की हथकड़ी–बेड़ी नीति और भारतीय शासकों की बेहयाई

5 फरवरी 2025 को अमृतसर हवाई अड्डे पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने आजाद भारत के इतिहास में एक काला अध्याय जोड़ दिया। अमरीका के सैन्य विमान से 104 भारतीय नागरिकों को हथकड़ियों और बेड़ियों में जकड़कर दुर्दान्त अपराधियों की तरह भारत भेजा गया। इनमें 23 महिलाएँ, 12 बच्चे और 79 पुरुष… आगे पढ़ें

ईरान–इजराइल टकराव तथा मध्य–पूर्व में अमरीकी विदेश नीति की दिशा

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(ईरानी परमाणु स्थलों पर अमरीका के हालिया हमलों को लेकर अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों के विद्वान स्टीफन जूनेस, मध्य पूर्व इतिहासकार लॉरेंस डेविडसन तथा विधि विशेषज्ञ और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व विशेष रिपोर्टर रिचर्ड फॉक के बीच विस्तृत बातचीत हुई जो ‘काउंटरपंच’ में छपी थी।… आगे पढ़ें

नरसंहार पर पर्दा डालने वाले आर्थिक सिद्धान्त के लिए नोबेल

अल्फ्रेड नोबेल की याद में आर्थिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कार स्वीडिश सेंट्रल बैंक द्वारा दिया जाता है। अर्थशास्त्र में यह तथाकथित नोबेल दूसरे नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत के 68 साल बाद, पहली बार 1969 में प्रदान किया गया था। अल्फ्रेड नोबेल की इच्छानुसार नोबेल फाउण्डेशन द्वारा पाँच… आगे पढ़ें

वह दिन जब परमाणु सम्पन्न ईरान का जन्म हुआ

–– एनरिक मोरा 2018 में डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ज्वाइण्ट कम्प्रीहेसिंव प्लान ऑफ एक्शन’ (जेसीपीओए) से अमरीका को पीछे खींचने का फैसला करके परमाणु कूटनीति को कमजोर कर दिया। वह निर्णय, जो बाइडेन प्रशासन की हिचकिचाहट और 2022 की गर्मियों में एक नये सौदे पर सहमत होने… आगे पढ़ें

समाचार-विचार

अमरीका में ट्रम्प के खिलाफ आन्दोलन

अमरीका के 47 वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकतन्त्र विरोधी नीतियों का अमरीकी जनता ने कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया है। 20 अप्रैल 2025 को अमरीका में सात सौ से भी ज्यादा जगहों पर ट्रम्प के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों में अमरीका के तीन जन संगठनों–– महिला… आगे पढ़ें

कुम्भ मेले में भगदड़

वैसे तो हर बारह वर्षों में कुम्भ मेला का आयोजन होता रहा है। लोग अपनी आस्था और सुविधा के अनुसार स्नान करने जाया करते थे। लेकिन इस बार का कुम्भ मेला लोगों के आस्था के लिए नहीं बल्कि सत्ताधारी भाजपा सरकार ने अपने हिन्दुत्ववादी– फासीवादी राजनीति के एजेण्डे को विराट रूप देने,… आगे पढ़ें

दो सालों से हिंसा की लपटों में झुलसता मणिपुर

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पिछले 3 मई को मणिपुर हिंसा को भड़के पूरे 2 साल गुजर चुके हैं। आज भी बड़ी संख्या में लोग वहाँ राहत शिविरों में अपनी जिन्दगी गुजारने को मजबूर हैं। न तो पर्याप्त चिकित्सा उपलब्ध है और न ही दो वक्त की रोटी। बीए की एक छात्रा ने मीडिया से बात करते हुए दुख और गुस्से में बताया कि अगर… आगे पढ़ें

परिसीमन के नाम पर सत्ता के अति केन्द्रीकरण की कोशिश

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केन्द्र की मोदी सरकार देश की संघीय व्यवस्था को कमजोर करके सारी सत्ता अपनी मुट्ठी में करने की नित नयी कोशिशें करती रहती है। अकेले जीएसटी के चलते ही भारत के सारे राज्य धन के लिए केन्द्र के सामने हाथ फैलाने को मजबूर हो गये हैं। अब मोदी सरकार नयी परिसीमन नीति लागू करके संसद में… आगे पढ़ें

बंगले में लगी आग तो सामने आयी हकीकत

14 मार्च को नयी दिल्ली के तुगलक क्रीसेंट स्थित हाई कोर्ट के जस्टिस यशवन्त वर्मा के सरकारी बंगले में आग लगी। परिवार के सदस्य भोपाल मेंे, घर पर केवल माँ और बेटी थी। आग बुझाने के बाद दमकल कर्मियों को उनके आवास में अधजली नोटों की 4–5 बोरियाँ मिली जिसकी अनुमानित राशि लगभग 11… आगे पढ़ें

बीएसएनएल का जिओ पर करोड़ों बकाया

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नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने 1 अप्रैल 2025 को एक रिपोर्ट जारी की। उसने बताया कि जिओ ने 2014 से 2024 तक बीएसएनएल के बुनियादी ढाँचे के इस्तेमाल के लिए एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया है। आज बीएसएनएल का नुकसान बढ़कर 1757–36 करोड़ रुपये हो गया है। बीएसएनएल ने ‘मास्टर… आगे पढ़ें

भारत को विश्वगुरु बनायेगा गोबर!

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हमारे देश को विश्वगुरु बनाने के अथक प्रयास हो रहे है लेकिन ध्यान रहे कि इस लक्ष्य की प्राप्ति गोबर की महिमा स्थापित किये बगैर नहीं हो सकती। इसके लिए धार्मिक बाबाओं से लेकर नेतागण, वैज्ञानिक और उच्च पदों पर आसीन सरकारपरस्त महानुभाव एड़ी–चोटी का जोर लगा रहे है। प्राचीन ग्रंथों… आगे पढ़ें

मंत्री पद की आड़ में फलता–फूलता एक कारोबारी

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संसदीय नेता और पूँजीपति के बीच का फर्क लगभग  मिटता जा रहा है। कई पूँजीपति तो खुद ही राजसत्ता के शीर्ष पर काबिज हैं। कैबिनेट मंत्री अश्वनी वैष्णव इसकी जीती जागती मिसाल हैं। वह राज्यसभा के जरिये संसद में पहुँचे हैं। पता नहीं वे इनसान हैं या कई सिरों वाले देव जो एक साथ कई… आगे पढ़ें

महिलाओं के खिलाफ एजेण्डे का पर्दाफाश

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हालाते जिस्म, सूरते जाँ और भी खराब चारों तरफ खराब, यहाँ और भी खराब। रौशन हुए चिराग तो आँखें नहीं रहीं अन्धों को रौशनी का गुमाँ और भी खराब। – दुष्यन्त कुमार हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक महिला द्वारा अपने पति के कत्ल की दिल दहला देने वाली घटना घटी। महिला ने… आगे पढ़ें

रक्षा बजट में रिकार्ड बढ़ोतरी किसके लिए

1 फरवरी को भारतीय रक्षा मंत्रालय ने अपने 2025–26 के बजट की घोषणा की। यह 5 लाख करोड़ रुपये का है और कुल बजट का 9–53 फीसदी है। पिछले साल के बजट की तुलना में रक्षा बजट में रिकार्ड़ तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। इसका कारण यह बताया गया है कि देश की सीमाओं पर तनाव चल रहा है… आगे पढ़ें

रोजगार के नाम पर धोखाधड़ी

देश भर से जब लाखों छात्र अपने घर से इंजिनियर बनने का सपना पूरा करने निकलते हैं तो उनकी ख्वाहिश होती है कि किसी अच्छे कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके सम्मानजनक रोजगार प्राप्त करें। पर पहले तो कोचिंग की और फिर कॉलेज की फीस ही उन्हें निराश कर देती है। कितने ही छात्र महँगी फीस… आगे पढ़ें

स्मार्ट सिटी टाँय टाँय फिस्स

लम्बी–लम्बी फेंकने वालों को अक्सर ही रुसवा होना पड़ता है। हालाँकि उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ता, आदत पड़ जाती है। 2014 में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने देश में 100 स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की थी, इसके खूब ढोल भी पीटे गये थे। 5 साल के भीतर ही 100 स्मार्ट सिटी बनने थे,… आगे पढ़ें

‘मजदूरों के ऊपर तजुर्बा करो, अमीरों की सेवा करो’

भारत की चिकित्सा व्यवस्था में एक बुनियादी समस्या है, जो सभी पूँजीवादी देशों में ही मौजूद है, जहाँ मजदूर वर्ग के लिए सब्सिडी वाली स्वास्थ्य सेवा उजड़े हुए सरकारी अस्पतालों में दी जाती हैं। पूँजीवाद के तहत, मेहनतकश वर्ग को समाज पर बोझ माना जाता है और उनकी स्वास्थ्य देखभाल को करदाताओं… आगे पढ़ें